13 दिसम्बर

आज 13 दिसम्बर है ... 10 साल पहले आज के ही दिन कुछ लोगो ने भारत के लोकतंत्र के प्रतीक संसद भवन की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति दी थी !

10 साल बाद ... आज यह भारत के लोकतंत्र का प्रतीक संसद फिर हमले का शिकार है ... पर अब की बार अपने ही सदस्यों के हाथो !!!

कम से कम कुछ तो लिहाज किया होता उन वीरो की कुर्बानी का हमारे नेताओ ने ...

आज के दिन अमर शहीदों को शत शत नमन करता हूँ साथ साथ यह दुआ भी कि या तो हमारे नेताओ को सदबुद्धि आये या फिर कोई इनकी रक्षा में शहीद न हो !


शहीदों हम शर्मिंदा हैं अफसल अभी तक जिन्दा है ???

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