....तो लिबरल हो तुम





दिलों में अपने तुम मोदी को गालिया देते जी रहे हो,
तो लिबरल हो तुम
नजर में आरएसएस को आतंकिया समझते जी रहे हो,
तो लिबरल हो तुम

जेएनयु के बच्चों की तरह आझादी मांगना सीखो
तुम एक सेक्युलर के जैसे अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण करना सीखो

हर एक रोहिंग्या से मिलो खोले अपनी बाहे
हर एक समा पंडितों को जो कश्मीर से निकालना चाहे

जो अटल को श्रद्धांजलि देते हुए भी मोदी को गालिया दे रहे हो,
तो लिबरल हो तुम  

-        हर्षल कंसारा
#Kansarastra

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