आशा.....




आशा.....

एक ऐसी चीज,
जो कुछ न होने पर भी बहुत कुछ दिलाती है
यद्यपि बहुत कुछ होते हुए, इसी की कमी से जिंदगी रूठ सी जाती है

इसके होने से जिंदगी में हरियाली होती है छायी
अभाव से इसके, उखड़ी उखड़ी लगे जीवन की परछाईं

संग हो इसके, तो हर पल लगे सुनहरा
जिससे जीवन को अर्थ मिल पाये गहरा

कभी कभी मैं सोचता हु....
शायद यह न होती, तो जिंदगी का कल न होता
कितनी सारी खुशियों से, मेरा कभी मेल न होता

मेरा होना भी इस के होने से बन रहा है
बाकी तो सब मिथ्याभिमान तन रहा है

- हर्षल

(On Mumbai-Pune Express way)

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